exam tips: अब नहीं होगी एग्जाम की टेंशन, यदि आजमाएंगे ये टिप्स

खुद को पहचानें, लक्ष्य (target) तय करें
स्टूडेंट को अपनी ताकत और कमजोरी के बारे में पूरा ज्ञान होना चाहिए। योग्यता के आधार पर जब कोई लक्ष्य निर्धारण किया जाता है तो यह वास्तविक होता है। इस लक्ष्य के पूरा होने में कोई संदेह नहीं रहता है। परीक्षा की तैयारी के समय अपनी क्षमता से कई गुना बड़ा लक्ष्य तय करने से तनाव पैदा हो सकता है, क्योंकि आपको अपना लक्ष्य दूर दिखता है।
योजना बनाएं और फॉलो करें
परीक्षा (exam) की तैयारी के लिए प्लानिंग (Planning) जरूरी है। तय कर लें कि आप दिनभर में परीक्षा की तैयारी के लिए कितना समय दे सकते हैं और एक जगह बैठकर एक साथ कितनी देर सेल्फ-स्टडी (Self-study) कर सकते हैं। कठिन विषयों (Difficult subjects) के लिए अधिक समय दें। पढ़ाई के दौरान प्लानिंग का ईमानदारी से पालन करें। इस तरह से आप व्यर्थ की चिंता और स्ट्रेस (Stress) से दूर रहते हैं।
विफलता (Failure) पर धैर्य नहीं खोएं, कमियां पहचानें (Identify deficiencies)
जीवन में कोई भी विफलता इतनी बड़ी और अहम नहीं होती है कि उसके सामने जीवन छोटा पड़ जाए। बार-बार गिरकर उठना और फिर लक्ष्य के डगर पर चलने का प्रयास करते रहने में ही सफलता का रहस्य छुपा होता है। यदि आप विफल हो जाएं और आपके सपने साकार नहीं हो पाएं तो फिर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, धैर्य बनाए रखें। जीवन में हमेशा आगे के बारे में सोचें और विफलता से सबक लेकर खुद में सुधार करें।
कठिन विषयों को जान लें
परीक्षा के तनाव का मुख्य कारण तैयारी का अभाव होता है। इसलिए सबसे पहले उन सब्जेक्ट्स की पहचान कर लेनी चाहिए, जिनसे आपको डर लगता है। आपको एक बार ऐसे कठिन विषयों को जान लेने के बाद फिर उपलब्ध समय में उनकी इंटेंसिव तैयारी करनी चाहिए। जैसे-जैसे इन विषयों की तैयारी पूरी होती है तो आपका तनाव का स्तर भी आश्चर्यजनक रूप से घटता जाता है।
माता-पिता (mother-father) से बात करें
आपके माता-पिता आपको सबसे बेहतर जानते और समझते हैं। परीक्षा के बारे में वे अपने स्तर पर जो सुझाव देंगे, उसमें उनके मार्गदर्शन के साथ प्यार और प्रेरणा (Inspiration) भी मिलेगी। माता-पिता अपने बच्चों का हमेशा भला चाहते हैं और यही कारण है कि वे हमेशा आपकी मदद करेंगे। आपको उनकी हर बात को ध्यान से सुनना और मानना चाहिए। इस तरह आप कई तरह की अवांछित चिंताओं (Unwanted concerns) और तनावों से अपने आप ही मुक्त हो जाएंगे।
समय प्रबंधन अवश्य करें
समय का कुशलतापूर्वक प्रबंधन नहीं करने का सीधा अर्थ जीवन को जाया करना होता है। इसीलिए यह आवश्यक है कि आपके पास परीक्षा की तैयारी के लिए जो भी टाइम उपलब्ध है, उसके अनुसार स्टडी का टाइम टेबल बनाएं और उसको अनुशासन के साथ फॉलो करें। किसी भी प्रलोभन में न आएं। पढ़ाई करते रहें। ऐसा करने से तनाव की स्थिति पैदा नहीं होती है और हम अपने लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लेते हैं।
आत्मविश्वासी बनें, मेहनत करें (Be confident and work hard)
तनाव से बचने के लिए जरूरी है कि आप खुद को ऐसे दोस्तों या लोगों की संगति से दूर रखें जो हमेशा नेगेटिव सोचते-बोलते हैं और आपको कम आंकते हैं। अपना कॉन्फिडेंस हर परिस्थिति में ऊंचा करके रखना जरूरी होता है। यदि आप परीक्षा के तनाव को दूर रखना चाहते हैं तो आपको कठिन मेहनत के लिए तैयार रहना पड़ेगा। खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए आपको हमेशा कठिन मेहनत करनी होगी और बिना धैर्य खोए निरंतर प्रयास करना होगा। शुरू में आपको बोरियत महसूस होगी, पर आपको अपना फोकस बनाना रखना होगा।



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